एडवांस्ड सर्च

Advertisement

मोदी बने 'सरदार', हिमाचल में वीरभद्र 'राज'

गुजरात में मोदी की लगातार तीसरी जीत के साथ ही बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर उनके नाम की चर्चाएं तेज हो गयी हैं. उधर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने बीजेपी से झटक कर ताज अपने नाम कर लिया. चुनाव परिणाम: गुजरात | हिमाचल | मुख्‍य अंश
मोदी बने 'सरदार', हिमाचल में वीरभद्र 'राज'
आज तक वेब ब्यूरोनई दिल्ली, 20 December 2012

गुजरात विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने जीत की हैट्रिक बनाई, लेकिन हिमाचल प्रदेश उसके हाथ निकल गया, जहां वीरभद्र सिंह के सतत अभियान की बदौलत कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया.

गुजरात में इस जीत के साथ ही नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है. बीजेपी ने गुजरात में लगातार पांचवी बार जीत दर्ज की है. मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह तीसरी जीत है. प्रदेश में बीजेपी ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की जो 2007 के विधानसभा चुनाव परिणाम से दो सीटें कम है. कांग्रेस को 61 सीटों पर जीत हासिल हुई जो पिछले चुनाव की तुलना में दो सीटें अधिक है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को दो सीटें मिली जबकि जद यू को एक सीट पर जीत हासिल हुई. केशुभाई पटेल की अगुवाई वाली गुजरात परिवर्तन पार्टी को केवल तीन सीटों पर जीत मिली जिसके बारे में कहा जा रहा था कि यह पार्टी भाजपा को काफी नुकसान पहुंचा सकती है.

अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे 62 वर्षीय मोदी ने इस जीत का श्रेय छह करोड़ गुजरातियों और देश के उन सभी लोगों को दिया है जो सुशासन एवं विकास को बढावा देते हैं.

2002 के गोधरा बाद दंगों के लिए माफी मांगने से इनकार करने वाले मुख्यमंत्री ने जीत के बाद कहा कि अगर उनसे कोई गलती हुई हो तो इसके लिए वह प्रदेश के छह करोड़ गुजरातियों से माफी मांगते हैं. जीत के बाद करीब 45 मिनट तक अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि गलती से भी भविष्‍य में कोई गलती नहीं होगी.

नरेंद्र मोदी ने हालांकि भविष्य की राजनीतिक योजना के बारे में कोई संकेत नहीं दिया. जब लोग ‘प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री’ के नारे लगाने लगे तो मोदी ने कहा कि वह 27 दिसंबर को दिल्ली जायेंगे और गुजरात में वह जो कुछ कर रहे हैं, वह मातृभूमि की सेवा ही है.

मोदी ने कहा, ‘न तो रुकूंगा और थकूंगा क्योंकि मुझे आपका सपना पूरा करना है.’ भाजपा के दो सांसद स्मृति ईरानी और राम जेठमलानी ने खुले तौर पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में मोदी का समर्थन किया है लेकिन कई पार्टी नेता इस प्रश्न को टाल गए.

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी पार्टी के लिए हमेशा ही महत्वपूर्ण नेता रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी वंशवाद से नहीं चलती जिसका नेता कोई युवराज होता है. हम पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से काम करते हैं.’

हिमाचल प्रदेश में जीत से कांग्रेस को राहत मिली, जहां पार्टी ने सत्तारूढ़ भाजपा से सत्ता छीनी. प्रदेश की 68 सीटों में से कांग्रेस ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की और बहुमत के लिए जरूरी 35 सीट से एक सीट अधिक हासिल की. राज्य में भाजपा को 26 सीटों पर जीत हासिल हुई जबकि निर्दलीय पांच सीटों पर और हिमाचल लोकहित कांग्रेस एक सीट पर विजयी रही.

2007 के चुनाव में भाजपा को 41 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस को 23 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. पांच बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 78 वर्षीय वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण सीट पर जीत दर्ज की. वीरभद्र ने इस सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी भाजपा के ईश्वर रोहल को 20 हजार मतों से पराजित किया. उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का सशक्त दावेदार माना जा रहा है.

चुनाव परिणाम से ऐसा प्रतीत होता है कि उनसे जुड़े सीडी प्रकरण का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा जिसके कारण उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था. भाजपा ने उन पर केंद्र में इस्पात मंत्री रहते भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे.

हमीरपुर सीट पर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस के नरिन्दर ठाकुर को 9500 मतों से पराजित किया. उनके मंत्रिमंडल के चार सहयोगी नरिन्दर बराग्टा, खिमी राम, कृष्ण कुमार और रोमेश धवना हालांकि चुनाव हार गए.

गुलाब सिंह, मोहिन्दर सिंह, जयराम ठाकुर, रविन्दर सिंह रवि, सरवीन चौधरी और ईश्वर दास धीमान जैसे धूमल के मंत्रिमंडल सहयोगी चुनाव जीतने में सफल रहे. विपक्ष की नेता विद्या स्ट्रोक्स थेयोग से विजयी रही जबकि वीरभद्र सिंह के धुर विरोधी माने जाने वाले विजय सिंह मनकोटिया शाहपुर से चुनाव हार गए.

कांग्रेस ने चुनाव में भाजपा से 22 सीटें छीनी जबकि भाजपा सात सीट छीनने में सफल रही. हिमाचल लोकहित पार्टी के महेश्वर सिंह पार्टी के टिकट पर जीतने वाले एकमात्र उम्मीदवार रहे. पार्टी ने 36 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किये थे. माकपा, भाकपा, बसपा सपा और अन्य दलों का राज्य में खाता नहीं खुला.

कांग्रेस को यह भी बड़ा झटका लगा है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया पोरबंदर सीट से भाजपा के बाबू बोखारिया से 17 हजार से अधिक मतों से हार गये हैं. उधर विधानसभा में विपक्ष के नेता शक्तिसिंह गोहिल को भी प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने 18,554 मतों से शिकस्त दी है. प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने की स्थिति में दोनों को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था.

नरेंद्र मोदी ने मणिनगर विधानसभा में अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की श्वेता भट्ट को 86,373 मतों के अंतर से पराजित किया. गुजरात की राजनीति में नरेंद्र मोदी का प्रभाव बढ़ने से पहले भाजपा के दिग्गज रहे और फिलहाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने कपाडवंज सीट पर भाजपा के कनूभाई को हरा दिया. हालांकि उनकी जीत का अंतर महज 6597 मतों का रहा.

गुजरात परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष केशूभाई पटेल ने सौराष्ट्र की विसावदर सीट पर भाजपा के कनुभाई भलाला को 42 हजार से अधिक मतों से हराया. उनके दो अन्य उम्मीदवारों को भी सफलता मिली है. भाजपा सरकार के पांच मंत्री चुनाव हार गये हैं. इनमें कृषि मंत्री दिलीप संघानी, स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री फकीरभाई वाघेला, वन राज्यमंत्री किरीट सिंह राणा और वाघेला से हारे भलाला हैं.

बहरहाल भाजपा और कांग्रेस के लिए इस बार के चुनाव परिणाम 2007 के नतीजों के आसपास ही रहे जहां सत्तारूढ़ दल को 117 और विपक्षी दल को 59 सीटें मिलीं थीं.

भाजपा से बगावत करने वाले कनु कलसारिया भी चुनाव हार गये हैं. अपने सद्भावना मंच के बैनर तले किस्मत आजमाने वाले कलसारिया को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा है. उनका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत पाया. सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ कांड के आरोपी पूर्व मंत्री अमित शाह ने नारनपुरा सीट पर 63 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay