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#Agenda15: इमरान खान बोले- मुझे नहीं मालूम दाऊद कहां है, पता होता तो जरूर बताता

हिंदी जगत का महामंच 'एजेंडा आज तक' एक बार फिर आपके सामने है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 11 और 12 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाला ये कार्यक्रम जारी है.

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aajtak.in
विकास वशिष्ठ/ रोहित गुप्ता नई दिल्ली, 12 December 2015
#Agenda15: इमरान खान बोले- मुझे नहीं मालूम दाऊद कहां है, पता होता तो जरूर बताता 'एजेंडा आज तक' में इमरान खान

मुझे नहीं पता दाऊद का पता
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में मौजूद होने के सवाल पर इमरान ने कहा कि मुझे नहीं पता दाऊद कहां है. अगर मुझे पता होता तो मैं दाऊद का पता बता देता. जो कहूंगा, उससे पीछे नहीं हटूंगा, करके दिखाऊंगा. पाकिस्तान में मुझे तालिबान खान कहा जाने लगा है.

एजेंडा आज तक के 14वें सेशन में दो दिग्गज क्रिकेटर आमने-सामने थे. अपने-अपने देशों को पहली बार वर्ल्ड कप जिताने वाले कपिल देव और इमरान मंच पर थे. दोनों ने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और कुछ किस्से भी शेयर किए.पाकिस्तानी आतंकवादियों के सवाल पर इमरान ने कहा, चंद लोगों से पूरे पाकिस्तान के बारे में राय ना बनाएं. हर मुल्क में ऐसे कुछ लोग होते हैं. ये लोग प‍ाकिस्तान का चेहरा नहीं बन सकते.

मोदी से की सीरीज कराने की अपील
भारत-पाकिस्तान के बीच मैच कराने के सवाल पर कपिल देव ने कहा कि कोई ख‍िलाड़ी नहीं चाहता कि मैच न हों. दोनों टीमें खेलना चाहती हैं, लेकिन आप अपनी सरकार की पॉलिसी के खिलाफ नहीं जा सकते. सरकार की मंजूरी के बाद ही दोनों देश खेल सकते हैं. इमरान बोले, 'मैंने मोदी जी से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज को मंजूरी देने के लिए कहा और इस पर वो मुस्कुराए. मोदी जी से मेरी बात सकारात्मक रही.' एजेंडा आज तक में आने से पहले इमरान ने प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात की.

सचिन के फैन हैं पाकिस्तानी
इमरान खान ने कपिल देव की जमकर तारीफ की और कहा कि कपिल ने भारतीय क्रिकेट को काफी बदला. इमरान ने कहा कि दोनों मुल्क हमेशा दुश्मन नहीं रह सकते. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में भारतीय क्रिकेटरों के फैंस हैं और खासतौर पर वहां के लोग सचिन तेंदुलकर के फैन हैं. उन्होंने सचिन और सुनील गावस्कर की तुलना पर कहा कि गावस्कर ने जैसे खतरनाक बॉलिंग अटैक का सामना किया, सचिन ने नहीं किया. इमरान ने राजनीति पर भी बात की और कहा कि राजनीति मेरे लिए करियर नहीं है. मुझे क्रिकेट में ही इतनी इज्जत मिली कि राजनीति में मशहूरी के लिए जाने की जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आधे बच्चे कुपोष‍ित हैं.

भारत की 1983 की जीत बहुत बड़ी थी: इमरान
कपिल देव ने बताया कि जब वे क्रिकेट खेलते थे तो सोचते थे कि इमरान में ऐसा क्या है कि सारी लड़कियां उन पर ही मरती हैं. मैं उनके जैसे बाल बनाने की कोश‍िश करता था. इमरान ने कहा कि भारत की 1983 वर्ल्ड कप की जीत पाकिस्तान की 1992 की जीत से बड़ी थी क्योंकि 1983 में वेस्टइंडीज की टीम जितनी खतरनाक थी, पहले कभी नहीं थी. उन्होंने कहा कि जावेद मियांदाद आखि‍री वक्त तक लड़ते थे और यह उनकी सबसे बड़ी खासियत थी. प्रेशर में भी वह बहुत शानदार खेलता था. कपिल ने कहा कि मियांदाद बहुत जज्बाती थे और जबरदस्त ख‍िलाड़ी थे. उसे देखकर लगता था कि काश कोई ऐसा ख‍िलाड़ी मेरी टीम में भी हो.

एजेंडा आज तक के 13वें सेशन में श‍िक्षा के एजेंडे पर बात हुई. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने श‍िक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां गिनवाते हुए कुछ खामियां भी स्वीकार की और कहा कि कॉलेजों की कटऑफ देखकर बतौर मां मेरा दिल बैठ जाता है.

400 विदेशी श‍िक्षक भारत में पढ़ाने आएंगे
श‍िक्षा के ढांचे को परिपक्व बनाने की जरूरत है. सरकार श‍िक्षा में परिवर्तन की ओर बढ़ रही है और श‍िक्षा के ढांचे को पूरे देश में बेहतर बनाने की कोश‍िश चल रही है. सरकरी स्कूलों में हमने शाला दर्पण नाम की योजना शुरू की है, जिसके तहत अभिभावकों को अपने बच्चे की जानकारी उपलब्ध रहेगी. विदेशों से भारत में पढ़ाने के लिए 400 श‍िक्षक आएंगे. केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय प्राइवेट स्कूलों से बेहतर हैं. शि‍क्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव आएंगे.

असहिष्णुता का सवाल
असहिष्णुता के सवाल पर ईरानी ने कहा, इस मुद्दे पर लोग राजनीति कर रहे हैं. मैं हिंदू महिला हूं, पारसी से ब्याह किया. जिन बच्चों को अपनी कोख से जन्म दिया, उसे हिंदू ने ही पारसी बनाया. मैं सहिष्णुता पर इससे बड़ा उदाहरण नहीं दे सकती. मैं अपने बच्चों को गीता का पाठ भी करवाती हूं.

एजेंडा आज तक के 12वें सेशन का मुद्दा रहा- 'कितना बदल गया हिन्दुस्तान' और इस विषय पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, संसदीय कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद और प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाने वाले उद्यमी जफर सरेशवाला बोले.

सरकार फैसले लेगी तो घोटाले तो होंगे: खुर्शीद
ओवैसी ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ फिल्म और ब्रांड की बात करते हैं. 18 महीने में जमीन पर कुछ नहीं हुआ. सरकार की लोकप्रियता गिरी है. इस पर नकवी ने कहा कि बीते 18 महीनों में सरकार ने दलालों की नाकाबंदी और घोटालों की तालाबंदी की. खुर्शीद ने कहा कि सरकार फैसले लेगी तो घोटाले तो होंगे ही. नकवी ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव खत्म होते ही अवॉर्ड वापस लौटाना बंद हो गया है.

सबका साथ, सबका विकास में अल्पसंख्यक नहीं: ओवैसी
ओवैसी ने कहा, अल्पसंख्यकों को सबका साथ सबका विकास की सोच के साथ ठीक से जोड़ा नहीं गया. राजस्थान में आरक्षण देने के मामले में आपने पचास फीसदी का आंकड़ा पार कर लिया, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने जिन मुस्लिम समुदायों को आरक्षण देने के लिए कहा, वो आपने लागू नहीं किया. मोदी साहब सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मुस्लिमों को आरक्षण नहीं दे रहे. ओवैसी ने कहा कि दंगे कराने में सरकार की मास्टरी है. इस पर नकवी बोले कि 18 महीने में एक भी दंगा नहीं हुआ और सहिष्णुता देश के डीएनए में है.

ओवैसी पर भड़के सरेशवाला
ओवैसी ने सरेशवाला को प्रधानमंत्री मोदी का दोस्त कहा और जब सरेशवाला के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा, जब मुलायम सिंह और सोनिया गांधी मिलते हैं तो किसी को तकलीफ नहीं होती. दूसरे लोग मिलते हैं तो तकलीफ नहीं होती फिर मुसलमानों के प्रधानमंत्री से मिलने से कुछ लोगों को प्रॉब्लम क्यों होती है.

एजेंडा आज तक के 11वें सेशन में मेहमान थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान. चौहान दस साल से राज्य के सीएम पद बने हुए हैं, इसलिए सेशन को 'दस का दम' नाम दिया गया. चौहान ने व्यापम पर खुलकर जवाब दिए और अपनी सरकार की उपलब्ध‍ियों को भी गिनवाने में कोई कंजूसी नहीं बरती.

गिनवाईं उपलब्ध‍ियां
हमने किसानों को अच्छे बीज और खाद उपलब्ध कराए. दूध के उत्पादन में हम कहीं थे, चौथे नंबर पर आए. कृषि को आगे बढ़ाए बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते. इसलिए हमने कृष‍ि पर फोकस किया और इसलिए हम इस क्षेत्र में काफी आगे आए.

मध्य प्रदेश में मेरी आत्मा बसती है
मध्य प्रदेश छोड़कर दिल्ली से राजनीति करने के सवाल पर चौहान ने सीधा जवाब दिया, मैं मध्य प्रदेश से बाहर नहीं जाऊंगा. मध्य प्रदेश में मेरी आत्मा बसती है. कृष‍ि को लेकर जब भी कोई चर्चा होती है तो प्रधानमंत्री जी मुझसे चर्चा करते हैं. दिल्ली मेरे लिए बहुत दूर है. मेरा मन मध्य प्रदेश में ही बसा है. उन्होंने अपनी एक कसक भी बताई कि स्वास्थ्य की सुविधाओं को डॉक्टरों की कमी की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में ठीक से सुधार नहीं पाया. हमने इंफ्रास्ट्रक्चर तो खड़ा कर दिया, लेकिन डॉक्टरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए हमने सागर समेत ऐसे इलाकों में मेड‍िकल कॉलेज खोले हैं.

हमने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया
मध्य प्रदेश में पहले भर्तियों की कोई प्रक्रिया ही निर्धारित नहीं थी. हमने भर्ती की परीक्षा को पारदर्शी बनाया. पुलिस की भर्ती में दौड़ को मैनुअल तरीके से स्पीड की जांच बंद की और कंप्यूटराइज्ड तरीके से शुरू कराया. सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम मामले में हमारी पुलिस की जांच की तारीफ की थी. बाद में ज्यादा बवाल होने पर सीबीआई को जांच सौंपी गई. गलत चीजों के ख‍िलाफ मैंने हमेशा अभ‍ियान चलाया.

एजेंडा आज तक के दसवें सत्र में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा के जरिए 'नॉर्थ-ईस्ट पर सीधी नजर' डाली गई. नॉर्थ-ईस्ट के इन दोनों जाने-माने नेताओं ने वहां की समस्याओं को सामने रखा और पूर्वोत्तर की तरक्की को लेकर सुझाव भी दिए.

20 सांसदों के बराबर बोला
संगमा से पूछा गया कि अरुणाचल और उत्तर-पूर्व के राज्यों से एक-एक या दो सांसद आते हैं तो क्या इससे उन राज्यों का प्रतिनिध‍ित्व कमजोर हो जाता है. उन्होंने कहा कि समस्या उठाने के लिए एक सांसद भी काफी होता है. सिर्फ संख्याबल से कुछ नहीं होता. मुद्दे को ठीक से उठाना जरूरी है और मैं संसद में इसे देखता आया हूं. रिजिजू ने कहा कि जब संगमा साहब मंत्री और सांसद थे और जब हम 2004 में चुनकर पहली बार लोकसभा आए थे तो हमें महसूस हुआ कि हमारी संख्या कमजोर है. यूपी के 80 सांसद भी खड़े हो जाते हैं तो फर्क जरूर पड़ता है. लेकिन मैंने सोचा कि मैं भले ही अपने राज्य से अकेला हूं, लेकिन 20 सांसदों के बराबर बोलूंगा और इसकी वजह से मुझे पुरस्कार भी मिले.

PM ने लुक ईस्ट को एक्ट ईस्ट बनाया: रिजिजू
रिजिजू ने कहा, पूर्वोत्तर के मामले में सोच बदलने की जरूरत है. प्रधानमंत्री जी ने कहा कि अपनी सोच बदलिए और हर 15 दिन में एक मंत्री को वहां जाना होगा. इससे बहुत फायदा हुआ. प्रधानमंत्री ने लुक ईस्ट को एक्ट ईस्ट बनाया और हमारी सरकार में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर जिस तरह ताल‍मेल और काम हो रहा है, पहले कभी नहीं हुआ. देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां के लोग न दिल्ली पहुंच पाते हैं और न ही दिल्ली के लोग वहां.

एजेंडा आज तक के नौवें सत्र में मंच पर जब बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर आईं तो किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि सेशन इतना गंभीर हो जाएगा. सोनम ने आमिर खान के हाल में असहिष्णुता पर दिए गए बयान पर खुलकर जवाब दिया और जाते-जाते अपनी हालिया फिल्म प्रेम रतन धन पायो के टाइटल ट्रैक पर डांस भी किया.

असहिष्णुता के सवाल पर सोनम ने कहा कि देश में 60 सालों से असहिष्णुता है. अलग-अलग स्तर और अलग-अलग धर्मों में है. मैं भी अलग-अलग देशों में भी असहिष्णुता  की श‍िकार हुई. आमिर खान के बयान पर उन्होंने कहा, 'आमिर खान ने सफाई दी थी कि मैं कभी अपना देश नहीं छोड़ने वाला. उन्होंने माहौल को लेकर अपना डर जताया था. अगर किसी ने आलोचना की है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वो देशद्राही है आमिर खान देश के बहुत बड़े स्टार हैं और लोगों ने उनकी बात को बहुत गलत तरीके से लिया. आमिर के मुद्दे पर लोगों ने जितना गंदा बोला, वह सही नहीं है.

मेरा किसी से कॉम्पिटशन नहीं
जैसे करीना कपूर ने कहा कि मैं अपनी फेवरेट हूं, उसी तरह मैं अपनी कॉम्पिटीटर हूं. ये सही है कि बॉलीवुड में एक्ट्रेस में रेस है लेकिन यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में नहीं है. दूसरे क्षेत्रों में भी इस तरह की होड़ है और इससे हम खुद को और बेहतर बनाने की कोश‍िश करते हैं. रणबीर कपूर को उन्होंने अपना अच्छा दोस्त बताया और कहा कि उन्हें वह बचपन से जानती है. सोनम ने दीपिका पादुकोण के साथ किसी तरह की लड़ाई होने से भी इनकार किया.

फवाद खान को लेकर नहीं होना चाहिए बवाल
पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान के साथ फिल्म करने के सवाल पर सोनम ने कहा कि वो बहुत अच्छे एक्टर हैं इसीलिए मैंने उनके साथ काम किया. वो पाकिस्तानी है, यह अलग मुद्दा है और फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए. किसी भी देश का कलाकार दुनिया में कहीं भी जाकर काम कर सकता है.

एजेंडा आज तक में आठवें सत्र में मेहमान रेल मंत्री सुरेश प्रभु रहे तो उन पर लगभग हर आदमी से जुड़ी रेलवे को लेकर सवालों की बौछार तो होनी ही थी. प्रभु ने बेझ‍िझक रेलवे की कमियों को स्वीकार और वादा किया पांच साल में वह रेलवे को बहुत हद तक सुधार देंगे.

ट्रेनों की लेटलतीफी में 10 फीसदी हुआ सुधार
प्रभु ने कहा, ट्रेनों के टाइम पर पहुंचने के मामले में 10 फीसदी का सुधार हुआ है और कई रेलवे डिविजन में तो 100 फीसदी ट्रेनें टाइम पर चल रही हैं. हम जहां तक होता है, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से मिले फीडबैक के आधार पर व्यवस्था में सुधार लाने की कोश‍िश कर रहे हैं. यह काम इतना आसान नहीं है, लेकिन हम लगातार प्रयासरत है. अगर मुगलसराय-इलाहाबाद के बीच ट्रेन लेट हो रही है तो वह कल से नहीं हो रही, सालों से हो रही है इसलिए इसे सुधारने में भी वक्त लगेगा. इसके लिए ब‍ुनियादी स्तर पर रेलवे की व्यवस्था ठीक करने की जरूरत है.

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