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धर्मांतरण कराने वाले इसके खिलाफ कानून की मांग कर रहे हैंः येचुरी

नरेंद्र मोदी के विरुद्ध जमा हो रहा तीसरा मोर्चा शुक्रवार को 'एजेंडा आजतक' पर आया, तो बात धर्मांतरण से ही शुरू हुई. शरद यादव ने शुरुआत की और कहा, ये साजिश है गरीबों को फुसलाने की. ताकि उनका इस्तेमाल दंगों में किया जा सके. वरना ये तो संविधान में आजादी है. कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म का पालन करे.

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धीरेंद्र राय [Edited by: नंदलाल शर्मा]नई दिल्ली, 16 December 2014
धर्मांतरण कराने वाले इसके खिलाफ कानून की मांग कर रहे हैंः येचुरी Sharad Yadav, Sitaram Yechury and Lalu Yadav

धर्मांतरण के सवाल पर शरद यादव कहते हैं कि ये मुर्दों का देश है. जिनकी आत्मा मर चुकी है, उनका क्या करें. धर्म परिवर्तन करने वालों का ये आगरा में स्वागत कर रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पलायन हिंदू धर्म से हुआ. ये सिख कौन हैं, ये पाकिस्तान कैसे बना. ये अमित शाह से पूछो कि जिनको हिंदू धर्म में ला रहे हो, उनको रखोगे कहां. कैसे शादी होगी उनके बच्चों की.

जनता परिवार के बिछड़े दलों की भी, तो घर वापसी हो रही है? के सवाल पर शरद यादव बोले हम बीजेपी के साथ पहले भी तीन बार सरकार बना चुके हैं.

काला धन के मुद्दे पर लालू ने कहा कि ये कालाधन लाने की बात कर रहे. कह रहे थे कि साढ़े 29 हजार करोड़ है. अब डायवर्ट कर रहे हैं. झाडू पकड़ा रहे हैं. स्मृति ईरानी (सास भी कभी बहू थी) सफाई करते दिखाई दे रही हैं. ये सब क्या है.

सवालः जनता परिवार के साथी दल आपस में ही लड़ते रहे.
लालूः हम तो आपस में लड़ते रहे हैं और लड़ेंगे. लेकिन इनको नहीं रहने देंगे. बिहार को ही देखिए हमारे वोट और नीतीश के वोट मिला लिए जाएं, तो बीजेपी कहीं नहीं है.

सवालः क्या सीपीआई बंगाल में बीजेपी के विरूद्ध ममता के साथ जाएगी?
जवाबः बंगाल में बीजेपी के विरुद्ध ममता के साथ जाने के सवाल को येचुरी टाल गए. फिर पूछा गया कि क्या आप सब साथ आएंगे? येचुरी ने कहा कि संसद में देख लीजिए. शरद यादव बोले कि हमारे प्रयासों को कम करके दिखाया जाता है. हमारे ही कारण देश में पहली बार कांग्रेस की सरकार सत्ता से बाहर हुई.

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के सवाल पर लालू यादव ने कहा कि दुनिया में आतंक के खिलाफ लड़ाई की बात करते हैं. लेकिन सीमा पर हमारा सैनिक शहीद होता है. अम‍ेरिका से कौन आया एलओसी पर. आप लोग मोदी को ही दिखाते हो. हम लोग जब सामाजिक न्याय का सवाल उठाते हैं, तो आप लोग दिखाते हो थ्री यादव.

लालू ने कहा कि कौन सा कार्यक्रम मोदी का है? फूड सिक्योरिटी चाहे, जो भी कार्यक्रम है मोदी का नहीं है. रोज बकर- बकर करते हैं. योजनाएं तो वहीं मनमोहन सिंह की चल रही हैं.

इसके बाद अपने पुराने साथियों पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि रामविलास अच्छे मौसम वैज्ञानिक हैं. हमें तकलीफ नहीं. अच्छा मौसम वैज्ञानिक होना चाहिए. लेकिन हम सड़क पर हैं और टूटने वाले नहीं हैं.

सवालः आज नौजवान जेपी को पहचानते हैं क्या?
जवाबः शरद यादव कहते हैं ये कौन कहता है, ये बाजार कहता है. चीन को दे‍खिए उसने बाजार से हाथ मिलाया और बाजार आज हाय-हाय कर रहा है. हम कहते हैं देश की जड़ों को सहेजिए. बीजेपी कहती है सबका साथ सबका विकास. और साथ में नारा लाती है लव जिहाद. लोगों की आजादी को कौन छीन रहा है. ये सोचना भूल है कि बीजेपी के सफेद घोड़े पर अंकुश नहीं लगेगा. सीताराम येचुरी ने कहा कि देश में दो ही ताकतवर हैं. एक है किसान, जिसका हंसिया चल रहा है. दूसरे हैं मजदूर, जिनका हथौड़ा चल रहा है. और ये दोनों रोकेंगे मोदी का रथ.

तीनों नेताओं से सवाल करते हुए अमर सिंह ने कहा कि लालू यादव, शरद यादव और सीताराम येचुरी ने कभी बीजेपी की राजनीति नहीं की. लेकिन मैं नाम नहीं लेना चाहता अब जो महान गठबंधन बन रहा है, उसमें नीतीश जी, जिन्होंने बीजेपी से सरकार बनाई. देवगौडा, जिनके बेटे की बीजेपी से नजदीकी हुई. ऐसे लोगों के बारे में क्या कहेंगे जिनकी फितरत छुपी रहती है. नकली चेहरा सामने आता है, असली सूरत छुपी रहती है.

इसके जवाब में लालू ने कहा कि हमारे बीच कोई ईगो प्रॉब्लम नहीं है. हमने मुलायम सिंह को आगे किया है. 22 को जंतर-मंतर पर धरना है. महंगाई, कालाधन जैसे सारे मामले सामने लाएं जाएंगे.

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