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एजेंडा आजतक के मंच पर बोली सोनाक्षी, पता नहीं, मेरे बाल कटने पर इतना हल्ला क्यों?

हिंदी सिनेमा में फिल्मों के 'तेवर' में बदलाव आ गया है. नई पीढ़ी अपने तरीके से सिनेमा की परिभाषा लिख रही है. बॉलीवुड से जुड़े दो परिवारों के नए वारिस सोनाक्षी सिन्हा और अर्जुन कपूर ने इसी मुद्दे पर एजेंडा आजतक के मंच से अपनी बात रखी. उनसे बात की अंजना ओम कश्यप ने, पेश हैं दोनों सितारों से बातचीत के अंश..

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सौरभ द्विवेदी [Edited by: नंदलाल शर्मा]नई दिल्ली, 16 December 2014
एजेंडा आजतक के मंच पर बोली सोनाक्षी, पता नहीं, मेरे बाल कटने पर इतना हल्ला क्यों? Sonakshi Sinha and Arjun Kapoor

सवालः क्या आप लोगों में बहुत समानताएं हैं?
अर्जुनः हां, हम पहले बहुत मोटे थे. परेशान थे. फिर सलमान आए और हमारी जिंदगी बदल गई. ओके जोक्स अपार्ट . हमारी परवरिश ज्वाइंट फैमिली में हुई है. पर्सनैलिटी वाइज हम सहमे हुए हैं. अभी यहां के बर्ताव पर मत जाइए. हम कंट्रोल पर रहते हैं. रणवीर सिंह की तरह नहीं है. नॉर्मल लोगों की तरह एंट्री लेते हैं. खाने के बहुत शौकीन हैं.
सोनाक्षीः हां, हम सुबह उठकर ये सब नहीं सोचते कि वजन का क्या करना है.
अर्जुनः हेल्दी रहते हैं. प्रफेशन डिमांडिंग है. करोडों लोगों को आपको देखना है, तो निभाना होता है. आप देखिए. तीन खान, अक्षय, रितिक, हर बीतते साल के साथ आगे बढ़ रहे हैं. फिजिकली फिट हैं. अनुशासन चाहिए.

सवालः आजकल सितारे अपने को-स्टार्स का खूब नाम लेते हैं. पहले कोई दूसरे का नाम तक लेने से परहेज करता था.
सोनाक्षीः ये हमारी जेनरेशन है. हम फ्रेंडली हैं आपस में. आप किसी और एक्ट्रेस के बारे में पूछेंगी, तो मुझे बात करने में झिझक नहीं होती. अर्जुनः हां, ये मीडिया में आता है. इन दो एक्ट्रेस के बीच कैट फाइट, असल में होता नहीं है.

सवालः क्या सोनाक्षी की कोई एक्ट्रेस दोस्त है.
सोनाक्षीः नहीं अब तक कोई ऐसा कनेक्शन नहीं है. लेकिन मैंने ज्यादा मल्टी स्टारर में काम भी नहीं किया. सेट पर मिलते हैं. अच्छे से मिलते हैं. अब जबरदस्ती, तो फ्रेंडशिप नहीं बनाएंगे.

सवालः जिम में कितना वक्त बिताते हैं.
अर्जुनः अब तो एक घंटा करता हूं. पहले ज्यादा करना पड़ता था. वॉक बहुत करता था. मुझे खाना बहुत पसंद है, तो और ध्यान रखना होता है. वही एक घंटा मेरा अपना होता है जिम में.

सवालः इंडस्ट्री में आपसी तनाव कितना होता है?
अर्जुनः हम कोई रेस के घोड़े नहीं हैं. जो हर वक्त आपस में मुकाबला करते रहें. ये नंबर वन और नंबर दो सब बदलते रहते हैं. मैं और सोनाक्षी तो अभी बहुत नए हैं. कई बरसों तक यहां बने रहें. काम करते रहें. यही चाहते हैं फिलहाल.

सवालः आप पुराने स्टार्स को किस तरह देखते हैं. उनके स्टारडम की बात ही कुछ और थी.
सोनाक्षीः तब मीडिया कम था. वे लोग वाकई स्टार थे. जहां दिलीप जी, अमित जी हैं. वहां तक पहुंचने के लिए हमारी पीढ़ी को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी. अब सब कुछ खुला है, तो स्टारडम का ढंग बदल गया है.
अर्जुनः अब समय के साथ दर्शकों की सोच बदल गई है. पहले सितारे होते थे, जो कभी कभी जमीन पर आते थे. जबकि अब हम आपके साथ जमीन पर डांस करते हैं. अब मुझे देखिए. मैं आम सा दिखता हूं, तो लोग देखते हैं तो कहते हैं, ये अपना सा बंदा है. टू स्टेट्स में मैं हीरो नहीं हूं. आम बंदा हूं. जो किसी भी कोने में पाया जा सकता है.
सोनाक्षीः मैं पापा के अवॉर्ड देख रही थी, तब सिल्वर जुबली का जमाना था. अब तो फर्स्ट वीकएंड में ही चीजें तय हो जाती हैं.

रैपिड फायरः को-स्टार का कौन सा तेवर नापसंद
सोनाक्षी सिन्हा
1. अर्जुन, ये सोचता बहुत ज्यादा है.
2. रणवीर, बहुत हाइपर है.
3. सलमान, बहुत डांटते हैं कभी कभी.
4. शाहरुख, उतना नहीं जानती कि कुछ नापसंद करूं. 5. आमिर, पता नहीं.

अर्जुन कपूर
1. सोनाक्षी, बहुत भावुक है. उम्मीद है संतुलन मिले.
2. रणवीर, वह जोकर जैसे दिखते हैं पर हैं नहीं.
3. सलमान, कभी कभी उनका ह्यूमर समझ नहीं आता.
4. प्रियंका चोपड़ा, बहुत ज्यादा काम करती हैं. मिलने के लिए भी अप्वाइंटमेंट लेना होता है.

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