एडवांस्ड सर्च

केजरीवाल ने मुझे धोखा नहीं दिया, पर मेरे मंच पर उन्हें जगह नहीं मिलेगी: अन्ना

एजेंडा आज तक में आए समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि जन लोकपाल आंदोलन के निर्णायक मोड़ पर अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाकर गलत किया. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि अरविंद ने व्यक्तिगत रूप से मुझे कोई धोखा नहीं दिया. हालांकि अब वह अपने मंच उन्हें जगह नहीं दे पाएंगे क्योंकि वह एक राजनीतिक पार्टी के सदस्य हैं.

Advertisement
सौरभ द्विवेदी [Edited by: कुलदीप मिश्र]नई दिल्ली, 06 December 2013
केजरीवाल ने मुझे धोखा नहीं दिया, पर मेरे मंच पर उन्हें जगह नहीं मिलेगी: अन्ना एजेंडा आज तक में अन्ना हजारे

एजेंडा आज तक में आए समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि जन लोकपाल आंदोलन के निर्णायक मोड़ पर अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाकर गलत किया. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि अरविंद ने व्यक्तिगत रूप से मुझे कोई धोखा नहीं दिया. हालांकि अब वह अपने मंच उन्हें जगह नहीं दे पाएंगे क्योंकि वह एक राजनीतिक पार्टी के सदस्य हैं.

अन्ना ने कहा कि जन लोकपाल के सवाल पर सिर्फ मेरे साथ नहीं देश के 120 करोड़ लोगों के साथ धोखा हुआ. उन्होंने कहा कि इसका दोष संसद में बैठे हर शख्स पर जाता है.

अन्ना बोले कि प्रधानमंत्री ने मुझे लिखित आश्वासन दिया था कि आपका लोकपाल आएगा. आज दो साल हो गए. राज्यसभा में सिर्फ चर्चा होनी है. फिर भी एक साल से अटकाए बैठे हैं. हर बार कह देते हैं कि अगले सत्र में लाएंगे. मगर नहीं लाते. उन्होंने कहा कि नीयत साफ नहीं है सरकार की.

अन्ना हजारे बोले कि अरविंद केजरीवाल मेरे नाम का गलत इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार हैं. वह बोले कि मैं कभी पैसे को हाथ नहीं लगाता, तो मेरे नाम से पैसा जमा करना कहां सही है.

आंदोलन के नाम पर इकट्ठा हुए 3 करोड़ का टीम केजरीवाल ने गलत इस्तेमाल किया, ब्लॉगर राजू पारूलकर के इस आरोप पर अन्ना हजारे बोले कि मैंने बार-बार कहा कि सब समाज को हिसाब दे दो. जैसे मैंने पारदर्शिता रखी. अन्ना ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इलेक्शन में चले गए हैं, कितनी सीटें आएंगी ये तो रिजल्ट आने के बाद ही पता चलेगा. अब अन्ना हजारे के आंदोलन में मंच पर जगह नहीं पा सकते क्योंकि वहां नेताओं को आने की इजाजत नहीं है.

अन्ना हजारे बोले कि मैंने कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा. अरविंद का और मेरा रास्ता अलग है. उन्होंने कहा कि आजादी आंदोलन से मिली है. सत्ता में रहने से नहीं. अरविंद इलेक्शन में आ तो गए, कितनी सीट मिलेगी, मुझे नहीं पता

राजनीति से नफरत पैदा हो गई क्योंकि सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता, ऐसा हो गया. इसके परे राजनीति नहीं हो गई. ये दिख रहा है. समाज और देश, ये सब दूर जा रहा है.

जनलोकपाल पर 10 दिसंबर से अनशन शुरू करने जा रहे अन्ना हजारे बोले कि मैं ये अपने लिए नहीं कर रहा हूं. पूरे देश का प्रश्न है.

क्या राजनीति से बदलाव नहीं आएगा, के सवाल पर अन्ना ने कहा कि सत्ता और पैसा एक दूसरे के समानार्थी हो गए हैं तो ऐसी राजनीति का देश के लिए क्या फायदा रह गया है.

जब अन्ना से उनके नाम पर खरीदे गए पैसों पर सवाल किया गया तो वह बोले, 'मैंने आज तक हिसाब नहीं रखा. मैंने पांच रुपये तक को हाथ नहीं लगाया. मैंने आज तक बैंक बैलेंस नहीं रखा.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay