एडवांस्ड सर्च

पीएम के रूप में आडवाणी हैं लोगों की पहली पसंद

आडवाणी को 34 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहली पसंद माना है. चुनाव कार्यक्रम । शख्सियत । विश्‍लेषण । वीडियो । चुनाव पर विस्‍तृत कवरेज

Advertisement
aajtak.in
आज तक ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 15 April 2009
पीएम के रूप में आडवाणी हैं लोगों की पहली पसंद आडवाणी

देश में चुनावी सरगर्मी के बीच आज तक ने लोगों की नब्‍ज टटोलने की कोशिश की. देश भर के 27 शहरों में आज तक ने बोल इंडिया बोल नाम की एक मु‍हीम चलाई. इस मुहीम में लोगों से सात सवाल पूछे गए.

इन सवालों में संप्रग सरकार के पिछले पांच सालों का कार्यकाल कैसा रहा? आज देश में कौन सी समस्‍या सबसे बड़ी है और कौन सी पार्टी आपकी उम्‍मीदों पर खरी उतर सकती है? प्रधानमंत्री किसे बनना चाहिए? आदि शामिल थे. जनता ने सभी मामलों पर अपनी बेबाक राय दी.

" "लोगों से पहला सवाल यह पूछा गया था कि यूपीए सरकार का पिछले पांच सालों में काम कैसा रहा? ज्‍यादातर लोगों ने यूपीए सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल को औसत करार दिया.  19 प्रतिशत लोगों ने यूपीए सरकार के कार्यकाल को बहुत अच्‍छा बताया ज‍बकि 25 प्रतिशत लोग इसे अच्‍छा मानते हैं. 32 प्रतिशत लोगों की नजर में यूपीए का कार्यकाल औसत रहा. इस तरह कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि 76 प्रतिशत लोग यूपीए सरकार के पक्ष में हैं. 12 प्रतिशत लोगों ने यूपीए के कार्यकाल को खराब और 10 प्रतिशत लोगों ने इसे बहुत खराब करार दिया.

" "दूसरा सवाल यह था कि देश के सामने सबसे बड़ी समस्‍या क्‍या है? देश के ज्‍यादातर लोगों की नजर में आतंकवाद देश के सामने सबसे बड़ी समस्‍या है. 39 फिसदी लोग मानते हैं आतंकवाद सबसे बड़ी समस्‍या है जबकि 20 प्रतिशत लोगों की नजर में भ्रष्‍टाचार बड़ी समस्‍या है. 19 प्रतिशत लोग महंगाई को सबसे बड़ी समस्‍या मानते हैं तो 18 प्रतिशत लोगों ने आर्थिक मंदी को भी बड़ी समस्‍या बताया है. बिजली भी 3 प्रतिशत लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्‍या है.

" "तीसरा सवाल लोगों से यह पूछा गया कि आप किस मुद्दे को ध्‍यान में रखकर वोट देंगे? लोगों ने विकास के मुद्दे को सबसे ज्‍यादा अहमियत दी है. 69 प्रतिशत लोगों ने वोट देने के लिए विकास के मुद्दे को ही सबसे अहम माना है. विकास के सामने हिन्‍दुत्‍व और जातियता का मुद्दा महत्‍वहीन दिखता है. 15 प्रतिशत लोगों ने उम्‍मीदवार की छवि को वोट देने के लिए महत्‍वपूर्ण मुद्दा माना है.

" "चौथा सवाल लोगों से यह पूछा गया कि आतंकवाद से बेहतर ढंग से कौन निपट सकता है? इस सवाल के जवाब में भी यूपीए ही लोगों के लिए भरोसेमंद साबित हुई. 45 प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस के नेतृत्‍व में यूपीए को आतंकवाद से निपटने में अधिक सक्षम माना है जबकि एनडीए को 42 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है. तीसरा मोर्चा केवल 8 प्रतिशत लोगों की पसंद बन सका.

" "पांचवां सवाल था कि आर्थिक मंदी को रोकने में किसकी सरकार सबसे कारगर होगी?
इसमें भी बाजी कांग्रेस और यूपीए के हाथ लगी. 48 प्रतिशत लोग मानते हैं कि यूपीए ही मंदी से कारगर तरीके से निपट सकती है जबकि 42 प्रतिशत लोग इस मुद्दे पर एनडीए का समर्थन करते हैं.


" "लोगों से छठा सवाल यह पूछा गया कि अगली सरकार किसकी होनी चाहिए? अधिकांश लोगों की नजर में वर्तमान यूपीए सरकार ही अच्‍छी है. 48 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि केंद्र में फिर यूपीए की ही सरकार बने जबकि 42 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि भाजपा के नेतृत्‍व में एनडीए की सरकार बने. तीसरा मोर्चा यहां भी आधारहीन प्रतीत होता है.

" "लोगों से सातवां और सबसे महत्‍वपूर्ण सवाल यह पूछा गया कि देश का प्रधानमंत्री किसे बनना चाहिए? इस मामले में लालकृष्‍ण आडवाणी ने बाजी मार ली. आडवाणी को 34 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहली पसंद माना है जबक‍ि मनमोहन सिंह को 32 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है. राहुल गांधी को 23 प्रतिशत लोग अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay