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ममता से उम्‍मीद लगाए बैठे हैं आम यात्री

पिछली बार की तरह ही इस बार भी रेल मंत्री ममता बनर्जी से लोगों को बड़ी उम्‍मीदें होंगी. पिछले वर्ष ममता ने बनर्जी ने लोकलुभावन बजट पेश किया था और इस बार भी उनसे ऐसी ही उम्‍मीद की जा रही है.
ममता से उम्‍मीद लगाए बैठे हैं आम यात्री ममता बनर्जी
आज तक ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 24 February 2011

पिछली बार की तरह ही इस बार भी रेल मंत्री ममता बनर्जी से लोगों को बड़ी उम्‍मीदें होंगी. पिछले वर्ष ममता ने बनर्जी ने लोकलुभावन बजट पेश किया था और इस बार भी उनसे ऐसी ही उम्‍मीद की जा रही है.

हालांकि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनवों के मद्देनजर यह भी उम्‍मीद की जा रही है कि इस बार रेल बजट में ममता अपने गृह राज्‍य बंगाल पर कुछ ज्‍यादा ही मेहरबान रहेंगी. उम्‍मीद की जा रही है कि ममता बनर्जी इस बार भी यात्री किराए में फेरबदल नहीं करेंगी और ऐसा बेहतर बजट पेश करेंगी जिसमें आम लोगों का हित निहित हो.

हालांकि नकदी संकट से जूझ रही रेलवे ने वित्त मंत्रालय से आगामी आम बजट में 40,000 करोड़ रुपये के बजटीय सहयोग की मांग की है. यह राशि इस बार के आम बजट में रेलवे के लिए किए गए सकल आवंटन के दो गुने से भी अधिक है. ऐसे में यह देखना दिलचस्‍प होगा कि क्‍या ममता यात्री किराए में बढ़ोतरी कर रेलवी की आमदनी बढ़ाने का मार्ग प्रशस्‍त करती हैं या फिर किराया बढ़ाकर महंगाई के बोझ से पहले से ही दबी जनता के ऊपर और बोझ डालती हैं.

बातों के तीर चलाने में माहिर तेजतर्रार नेत्री ममता बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्‍यक्ष हैं. ममता बनर्जी ने 1997 में कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद अपनी पार्टी बना ली. राज्‍य में उनकी पार्टी जल्‍द ही प्रमुखी विपक्षी पार्टी बन गई. साल 2000 में उन्‍होंने अपना पहला रेल बजट पेश किया था. मममा पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय भी राजग की प्रमुख सहयोगी रह चुकी हैं लेकिन बाद में उन्‍होंने खुद को गठबंधन से अलग कर लिया था और पिछले चुनावों में उन्‍होंने संप्रग के साथ सहयोग किया.

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