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राहुल गांधी के बदलते बयान

गांधी परिवार का यह उत्तराधिकारी एक व्यक्ति का संगठन बन गया है, वे अपना एजेंडा तैयार करते हैं और अपनी मर्जी से बदलते हैं. चुनाव कार्यक्रम । शख्सियत । विश्‍लेषण । अन्‍य वीडियो । चुनाव पर विस्‍तृत कवरेज
राहुल गांधी के बदलते बयान
16 May 2009

गांधी परिवार का यह उत्तराधिकारी एक व्यक्ति का संगठन बन गया है, वे अपना एजेंडा तैयार करते हैं और अपनी मर्जी से बदलते हैं.

लालकृष्ण आडवाणी पर
''चुनाव से पहले भाजपा ने स्विस बैंकों में जमा धन के बारे में बोलना शुरू किया. जब सत्ता में थी तो इसने कुछ नहीं किया.''
(4 मई)

''स्विस बैंकों के बारे में हर कोई सहमत है. इस पैसे को वापस लाने के लिए हम साथ काम क्यों नहीं करते?''
(5 मई)

कम्युनिस्टों पर
''कम्युस्टि सैद्धांतिक व्यामोह में फंसे हैं-वह भी जो पुराना पड़ चुका है, और हर जगह नाकाम हो चुका है.''
(25 अप्रैल)

''कई बिंदुओं पर हम वामपंथियों से सहमत हैं. मुझे उम्मीद है कि वे कांग्रेस सरकार को समर्थन देंगे.''
(5 मई)

नीतीश कुमार पर
''बिहार में किसी को रोजगार नहीं मिलता. राज्‍य सरकार को अपने ही लोगों को पिछड़ा रखने में मजा आता है.''
(2 अप्रैल)

''नीतीश कुमार जैसे विपक्षी नेता हैं, जिनमें काम करने की नेकनीयती है. चुनाव के बाद के सभी विकल्प खुले हैं.''
(5 मई)

चंद्रबाबू नायडु पर
''नायडु का मानना है कि भारत के कुछ हिस्से आगे बढ़ सकते हैं, शेष को पीछे छोड़ा जा सकता है.''
(10 अप्रैल)

''बतौर मुख्यमंत्री अच्छा काम किया.  हैदराबाद पर ही ध्यान केंद्रित किया, गलत राह पकड़ी. मैं उनकी इज्‍जत करता हूं.''
(5 मई)

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