एडवांस्ड सर्च

पतियों की जीत के लिए मोर्चे पर पत्नियां

झारखंड में महिलाओं को टिकट देने से पार्टियों ने काटी कन्नी, लेकिन पति धर्म निभाने में पीछे नहीं पत्नियां. चुनाव कार्यक्रम । शख्सियत । विश्‍लेषण । अन्‍य वीडियो । चुनाव पर विस्‍तृत कवरेज

Advertisement
नित्यानंद शुक्ल 24 April 2009
पतियों की जीत के लिए मोर्चे पर पत्नियां

इसे विडंबना ही कहेंगे कि राजनैतिक चुनाव जीतने में पत्नियों से मदद लेने में कोई हिचक नहीं दिखाते लेकिन जब बात उन्हें टिकट देने की आती है तो जरूर कन्नी काट जाते हैं. झारखंड में पूर्व मुख्यमंत्रियों, मौजूदा और पूर्व मंत्रियों की पत्नियां अपने पतियों को जीत दिलाने के लिए जानलेवा गर्मी में प्रचार कर रही हैं. जमशेदपुर समेत झारखंड में विभिन्न इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को छू चुका है. लेकिन ये पतिपरायण पत्नियां मतदाताओं को लुभाने के लिए कई-कई किमी पैदल चल रही हैं.

झारखंड में राज्‍य के चारों पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. मुंडा और कोड़ा की पत्नी क्रमशः जमशेदपुर और सिंहभूम में पसीना बहा रही हैं, इन क्षेत्रों को लौह अयस्क की खानों के लिए जाना जाता है. जमशेदपुर से चुनावी मैदान में लोहा ले रहे अर्जुन मुंडा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. यहां उनका मुकाबला झामुमो की वर्तमान सांसद सुमन महतो से है. सुमन से टक्कर लेने में मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा पूरी तरह से उनका साथ दे रही हैं. मीरा गृहिणी हैं. मीरा परिवार और चुनाव प्रचार में तारतम्य बिठाने की हर संभव कोशिश कर रही हैं. वे मतदाताओं के बीच जाकर विकास सरीखे मुद्दे उठा रही हैं और उन्हें लुभाने की पूरी कोशिश कर रही है. वे रोजाना छोटे स्तर पर दो-तीन जनसभाएं संबोधित कर रही हैं. मीरा कहती हैं, ''मेरा प्रयास जनता को ऐसा प्रतिनिधित्व देने का है, जो क्षेत्र का विकास कर सके और मेरे पति ऐसा कर सकते हैं जिसे वे मुख्यमंत्री रहते हुए सिद्ध कर चुके हैं.'' वे घर-घर जाकर भी चुनाव प्रचार कर रही हैं.

झारखंड के तीसरे मुख्यमंत्री रहे मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा भी पीछे नहीं हैं. वे सिंहभूम लोकसभा सीट पर अपने पति के लिए प्रचार कार्य में हिस्सा ले रही हैं. कोड़ा कांग्रेस के वर्तमान सासंद बगुन सुम्ब्रई से टक्कर ले रहे हैं. उनकी पत्नी गीता ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है. वे लोगों को बता रही हैं कि उनके पति जमीनी शख्स हैं और उनकी समस्याओं को भली-भांति समझते हैं.

वहीं धनबाद से बसपा उम्मीदवार समरेश सिंह की पत्नी भारती सिंह उनके लिए प्रचार में जुटी है. समरेश के नामांकन भरने के बाद चार साल पुराने एक मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. सुबोधकांत सहाय की पत्नी रेखा सहाय भी पति के साथ ताल से ताल मिला रही हैं. सुचित्रा चतरा में पति नागमणि के लिए प्रचार कर रही हैं. पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा की पत्नी नीलिमा सिन्हा हजारीबाग में प्रचार की बागडोर संभाले हुए हैं. यह फेहरिस्त काफी लंबी है.

लेकिन विडंबना यह है कि मुख्य राजनैतिक दलों कांग्रेस, जद (यू), बसपा, झाविमो, राजद और लोजपा ने एक भी महिला उम्मीदवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारा है. झामुमो ने वर्तमान सांसद सुमन महतो को ही टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस ने खूंटी से मौजूदा सांसद सुशीला केरकेटा को टिकट नहीं दिया है. इस पर झारखंड में कांग्रेस चुनाव समिति के प्रवक्ता आलोक दुबे कहते हैं, ''पार्टी ने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के मूड को ध्यान में रखते हुए टिकट विधायक नील तिर्की को दिया है.''

राजद ने भी कोडरमा से अन्नपूर्णा देवी को टिकट नहीं दिया है. राजद सूत्रों का कहना है कि अन्नपूर्णा के नाम को अंतिम रूप दे दिया गया था लेकिन भाजपा से प्रणव वर्मा के आने से उनका टिकट कट गया है. इसी तरह भाजपा ने धनबाद से चार बार सांसद रहीं रीटा वर्मा का टिकट काट दिया है. यानी प्रचार तक तो ठीक लेकिन बात टिकट की आए तो हर कोई मुंह फेर लेता है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay