एडवांस्ड सर्च

स्पॉट फिक्सिंग मामले में पाक क्रिकेटर बट्ट, आसिफ व आमिर पर बैन लगा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को स्पाट फिक्सिंग का दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ क्रमश: दस, सात और पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया.

Advertisement
आजतक ब्यूरोनई दिल्ली, 05 February 2011
स्पॉट फिक्सिंग मामले में पाक क्रिकेटर बट्ट, आसिफ व आमिर पर बैन लगा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को स्पाट फिक्सिंग का दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ क्रमश: दस, सात और पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया.

आईसीसी ने अपने फैसले में बट पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया है जिसमें पांच साल सजा निलंबित रहेगी. इसी तरह आसिफ की सात साल की सजा में दो साल सजा निलंबित रहेगी. आमिर को पांच साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है.

आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘पंचाट ने पाया कि संहिता की धारा 2.1.1 के तहत ये आरोप सिद्ध हुये कि 26 से 29 अगस्त 2010 के बीच पाकिस्तान-इंग्लैंड लार्डस टेस्ट में आसिफ सहमत हुए और उन्होंने जानबूझकर नोबाल फेंकी, आमिर ने भी इसी टेस्ट मैच में सहमत होकर दो बार जानबूझकर नोबाल फेंकी और बट उन नोबाल के फेंकने में पक्षकार थे.’

आईसीसी ने कहा, ‘हम इस प्रकार प्रतिबंध लगा रहे हैं. बट की 10 साल तक की अयोग्यता में से पांच साल की सजा इस स्थिति में निलंबित रहेगी कि वह संहिता का आगे से उल्लंघन नहीं करेंगे और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तत्वाधान में आयोजित भ्रष्टाचार निरोधक कार्यक्रम में भाग लेंगे.’ इसमें कहा गया, ‘आसिफ की सात साल तक की अयोग्यता में से दो साल की सजा इस स्थिति में निलंबित रहेगी कि वह संहिता का आगे उल्लंघन नहीं करेंगे और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तत्वाधान में आयोजित भ्रष्टाचार निरोधक कार्यक्रम में भाग लेंगे.’

बयान में कहा गया कि आमिर को पांच साल तक के लिए अयोग्य ठहराया गया है, किसी खिलाड़ी पर कोई अन्य प्रतिबंध नहीं है. माइकल बेलोफ क्यूसी, शरद राव और जस्टिस एल्बी सैच्स की आईसीसी की तीन सदस्यीय पंचाट ने यहां कतर फाइनेन्शियल सेंटर पर खिलाड़ियों और उनके कानूनी दल की मौजूदगी में नौ घंटे की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया.

सुनवाई में जमकर बहस हुई जिसके बाद खिलाड़ियों के वकीलों ने आईसीसी से फैसला टालने का आग्रह किया क्योंकि उनका कहना था कि इसका ब्रिटेन के क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) द्वारा इन खिलाड़ियों के खिलाफ कल लंदन में दायर आपराधिक मामले पर असर पड़ सकता है.

यह पूरा मामला पिछले साल तब शुरू हुआ था जब ब्रिटेन के एक अखबार ने दावा किया कि ये तीनों क्रिकेटर लार्डस में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान स्पाट फिक्सिंग में शामिल रहे थे. इस खुलासे के बाद आईसीसी ने पिछले साल तीन सितंबर को इन तीनों क्रिकेटरों को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से निलंबित कर दिया था.

बट, आसिफ और आमिर ने सट्टेबाज मजहर मजीद से कथित रूप से दो लाख 41 हजार डालर प्राप्त किए थे. माइकल ब्लोफ की अध्यक्षता में आईसीसी पंचाट के सदस्यों ने पिछले महीने छह दिन इस मामले की सुनवाई की थी जिसके बाद खिलाडियों के वकीलों के आग्रह पर फैसला टाल दिया था.

इससे पहले ब्रिटेन की सीपीएस ने कल इन तीनों क्रिकेटरों और मजीद को समन जारी कर 14 मार्च को वेस्टमाइनस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पहली सुनवाई में हाजिर होने के लिए कहा था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay