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किराये में कटौती का विरोध करेंगे रेलकर्मी

रेल यात्री किराए में प्रस्तावित इजाफे में संभावित आंशिक कमी होने पर रेलकर्मियों के यूनियन ने विरोध-प्रदर्शन करने की धमकी दी. यूनियन ने सरकार से मांग की कि यदि ऐसा किया जाता है तो मिलता-जुलता अनुदान भी दिया जाए.
किराये में कटौती का विरोध करेंगे रेलकर्मी
आजतक ब्‍यूरो/भाषानई दिल्ली, 20 March 2012

रेल यात्री किराए में प्रस्तावित इजाफे में संभावित आंशिक कमी होने पर रेलकर्मियों के यूनियन ने विरोध-प्रदर्शन करने की धमकी दी. यूनियन ने सरकार से मांग की कि यदि ऐसा किया जाता है तो मिलता-जुलता अनुदान भी दिया जाए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे गए एक पत्र में रेलकर्मियों के पांच यूनियन- ‘ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन’, ‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन’, ‘फेडरेशन ऑफ रेलवे ऑफिसर्स असोसिएश्न’, ‘ऑल इंडिया आरपीएफ असोसिएशन’ और ‘इंडियन रेलवे प्रमोटी ऑफिसर्स फेडरेश्न’ ने उनसे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वक्त की मांग की है.

‘ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन’ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘हमने प्रधानमंत्री को पहले भी ज्ञापन भेजा था. किराए में वापसी से रेलवे की माली हालत पर होने वाले असर को लेकर हमने उनसे तुरंत मुलाकात के लिए समय देने की मांग की है. हम तीन दिन तक प्रधानमंत्री के जवाब का इंतजार करेंगे और इसके बाद भविष्य की कार्रवाई पर विचार करेंगे.’

यह पूछे जाने पर कि भविष्य की कार्रवाई क्या होगी, इस पर मिश्रा ने कहा, ‘हम देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.’ उन्होंने कहा कि यदि सरकार किराए में कमी का निर्णय करती है तो उसे रेलवे को इससे मिलता-जुलता अनुदान देना चाहिए वरना रेलवे का हश्र भी एयर इंडिया की तरह हो जाएगा.

रेल बजट में किराए में इजाफे के प्रस्ताव से रेलवे ने अगले वित्तीय वर्ष में 4,000 करोड़ रुपए की आमदनी का लक्ष्य रखा है. पर्याप्त समर्थन की मांग करते हुए मिश्रा ने कहा, ‘यदि सरकार रेल किराए में कमी का फैसला करती है तो रेलवे 3,000 करोड़ रुपए से महरूम रह जाएगी. ऐसा होने पर सरकार को इससे मिलता-जुलता अनुदान रेलवे को देना चाहिए.’

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