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आयोग के पाले में विवादित बयानों की 'बॉल'

केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी दल को बहुमत न मिलने पर राष्ट्रपति शासन लगाने की हिमायत करने संबंधी बयान पर कानपुर के जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है.
आयोग के पाले में विवादित बयानों की 'बॉल' श्रीप्रकाश जायसवाल
आजतक वेब ब्‍यूरो/भाषाकानपुर, 24 February 2012

केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी दल को बहुमत न मिलने पर राष्ट्रपति शासन लगाने की हिमायत करने संबंधी बयान पर कानपुर के जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है.

जायसवाल के गुरुवार को दिए इस बयान के बारे में केन्द्रीय चुनाव आयोग ने कानपुर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से यह रिपोर्ट आयोग को भेज दी. बयान की सीडी अभी नहीं भेजी गयी है.

कानपुर के जिलाधिकारी हरिओम ने बताया कि केन्द्रीय चुनाव आयोग ने कानपुर के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल के उस बयान के बारे में विस्तृत रिपोर्ट और बयान की सीडी मांगी थी, जिसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी दल को बहुमत न मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की बात कही थी.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी, लेकिन गुरुवार को मतदान गतिविधियों में व्यस्त होने के कारण सीडी की व्यवस्था नहीं हो सकी. जायसवाल के बयान की सीडी भी शुक्रवार को आयोग को भेजी जाएगी.

गौरतलब है कि गुरुवार को श्रीप्रकाश जायसवाल ने कानपुर में अपना वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला तो संवैधानिक दृष्टि से राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प बचता है.

विपक्ष ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. हालांकि गुरुवार शाम को जायसवाल ने यह कहकर सफाई दी कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया.

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