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ओलम्पिक में चीनी वर्चस्व तोड़ना मुश्किल: सायना

भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल हाल में भले ही एक के बाद एक दो खिताबी जीत दर्ज कर चुकीं हों लेकिन इसके बावजूद उनका कहना है कि ओलम्पिक में चीन की खिलाड़ियों को हराना आसान नहीं होगा.

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aajtak.in
आईएएनएसहैदराबाद, 20 June 2012
ओलम्पिक में चीनी वर्चस्व तोड़ना मुश्किल: सायना सायना नेहवाल

भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल हाल में भले ही एक के बाद एक दो खिताबी जीत दर्ज कर चुकीं हों लेकिन इसके बावजूद उनका कहना है कि ओलम्पिक में चीन की खिलाड़ियों को हराना आसान नहीं होगा.

इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज के क्वार्टर फाइनल में सायना ने विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त चीन की शिजियान वांग को हराया था जबकि फाइनल में रविवार को उन्होंने विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त चीन की ही ली ज्युरेई को पराजित किया था. सायना जकार्ता से सोमवार रात स्वदेश पहुंचीं, जहां उनका परिवार, दोस्त और उनके चाहने वालों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.

सायना ने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंट टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले थाईलैंड ओपन टूर्नामेंट जीता था. सायना ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, 'मेरे लिए ओलम्पिक से पहले अपने आप को फिट और चोट से बचाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है.'

सायना अपने प्रशिक्षक और मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का इंतजार कर रही हैं जो सिंगापुर में हैं. सायन का कहना है कि वह गोपीचंद के साथ मिलकर ओलम्पिक के लिए कुछ खास कार्यक्रम की योजना बनाएंगी. बकौल सायना, 'निश्चिततौर पर यह मुश्किल होने वाला है. मुझे अपने खेल के कुछ क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है. पिछले दो टूर्नामेंट में मुझे अपने खेल में कुछ कमजोर क्षेत्रों का पता चला है.'

विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त सायना ने थाईलैंड और इंडोनेशिया ओपन टूर्नामेंट में चीन की कुछ शीर्ष खिलाड़ियों को हराया था. सायना का कहना है कि ओलम्पिक में उनके खिलाफ खेलना आसान नहीं है. आत्मविश्वास से लबरेज सायना ने कहा, 'निश्चिततौर पर चीनी खिलाड़ी मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं.

ओलम्पिक में चीन की खिलाड़ियों की संख्या अधिक होगी, लेकिन उन्हें हराना असम्भव नहीं है. मैंने कई बार उन्हें हराने की कोशिश की है, लेकिन निश्चिततौर पर यह आसान नहीं है. मुझे उन्हें हराने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.' 'ओलम्पिक में तीन से चार चीनी खिलाड़ी होंगी. वास्तव में उनसे निपटने के लिए मुझे अतिरिक्त काम करने की जरूरत है.'

सायना ने कहा, 'मेरे लिए क्वार्टर फाइनल, फाइनल की तरह था क्योंकि यह मुकाबला एक घंटे और 40 मिनट तक चला था. मुझे लगता है कि इतिहास का यह महिला एकल का सबसे लम्बा मुकाबला था.' फाइनल मुकाबले के बारे में सायना ने कहा कि ओलम्पिक में स्वर्ण पदक की दावेदारों में से एक ज्युरेई को हराना बड़ी बात है. सायना ने कहा, 'यह देखकर बहुत अच्छा लगा. उन्हें हराना आसान नहीं है. आपको चीनी और अन्य एशियाई खिलाड़ियों के प्रति सावधान और तैयार रहना होता है. वह सभी अच्छा कर रही हैं.'

यह पूछने पर कि क्या ओलम्पिक में चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ आपने कोई रणनीति बनाई है, इसपर सायना ने कहा, 'हम योजना के साथ जाते हैं लेकिन जब हम कोर्ट पर होते हैं तो उन सभी चीजों को भूल जाते हैं. आपको केवल हर एक अंक जीतने होते हैं.' उल्लेखनीय है कि सायना ने इंडोनेशिया ओपन पर तीसरी बार कब्जा किया है. सायना की इस वर्ष की यह यह तीसरी खिताबी जीत है. इससे पहले उन्होंने मार्च में स्विस ओपन टूर्नामेंट अपने नाम किया था.

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