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‘बिहार शाइनिंग’ का प्रचार झूठा: राहुल

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने बिहार में सत्तासीन राजग गठबंधन पर ‘बिहार शाइनिंग’ के झूठे प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के विकास के लिए केंद्र ने करोडों रुपये इस राज्य को दिए पर यहां काम जमीन पर नहीं दिखता.
‘बिहार शाइनिंग’ का प्रचार झूठा: राहुल
भाषामांझी (बिहार), 26 October 2010

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने बिहार में सत्तासीन राजग गठबंधन पर ‘बिहार शाइनिंग’ के झूठे प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के विकास के लिए केंद्र ने करोडों रुपये इस राज्य को दिए पर यहां काम जमीन पर नहीं दिखता.

राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेसी उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार करने यहां आए राहुल ने कहा कि वर्तमान में केंद्र में संप्रग की सरकार है, वर्ष 2004 में जब उनकी पार्टी ने चुनाव लड़ा था तो देश की जनता से वादा किया था कि केंद्र में अगर कांग्रेस एवं संप्रग की सरकार बनेगी तो वह आम आदमी, गरीबों, पिछडों, दलितों और आदिवासियों की सरकार होगी.

उन्होंने पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर और गोपालगंज के कुचायकोट में भी जनसभाओं को संबोधित किया. राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस के खिलाफ राजग ने चुनाव लड़ा था और उस समय ‘इंडिया शाइनिंग यानि चमकता हुआ हिंदुस्तान’ का नारा दिया था और उनके कहने का तात्पर्य यह था हिंदुस्तान चमक रहा है पर उक्त चुनाव में देश की जनता ने उनको बता दिया कि किसानों, पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों का हिंदुस्तान चमक नहीं रहा है और उन्होंने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया.

उन्होंने कहा कि केंद्र की पिछली राजग सरकार के लोगों ने जनता के बीच न जाकर उनकी स्थिति को देखे बिना और उनकी बात सुने बिना अपने-अपने घरों में बैठे हुए उक्त नारा दे डाला. कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2009 के चुनाव में भी कांग्रेस ने केंद्र में आम आदमी की सरकार बनाने की बात कही थी.

कांग्रेस ने उक्त चुनाव के दौरान गरीबी, पिछडेपन, दलित एवं आदिवासियों का मुद्दा उठाया पर राजग ने इन सबको छोड़ आतंकवाद सहित अन्य मुद्दों की बात की. राहुल ने कहा कि देश की जनता ने फिर से 2009 में भी राजग को दिखा दिया कि हमें एक ऐसी सरकार चाहिए जो आम आदमी, गरीबों एवं पिछड़ों के बारे में सोचे और देश को प्रगति के पथ पर ले जा सके और सबको साथ लेकर चले.

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वर्ष 2004 में केंद्र में कांग्रेस ने सत्ता में आने पर दुनिया का सबसे बड़ा रोजगार का कार्यक्रम नरेगा जो आजकल मनरेगा के नाम से जाना जाता है, की शुरूआत की और उसके तहत गरीबों बेरोजगारों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा 60 हजार करोड़ रुपये के किसानों के रिण माफ कर बैंक के दरवाजे फिर से किसानों के लिए खोल दिए गए.

राहुल ने कहा कि केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों को उनकी जमीन वापस दिलाई तथा इसके अतिरिक्त शिक्षा का अधिकार कानून को पास कराया और आने वाले समय में भोजन के अधिकार की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस के केंद्र में सत्तासीन होने पर देश में प्रगति आयी और हिंदुस्तान बहुत तेजी आगे बढ़ने लगा. राशि की कमी नहीं होने की बात करते हुए राहुल ने कहा कि आज किसी भी प्रदेश को जितनी भी राशि की जरूरत हो, केंद्र सरकार भेज सकती है.

राहुल ने उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र की पिछली राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान 50 हजार करोड़ रुपये बिहार को दिए गए पर केंद्र की पिछली संप्रग सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान इस प्रदेश को एक लाख करोड रुपये दिए पर दुख की बात यह है कि उक्त राशि जनता तक नहीं पहुंची.

राहुल गांधी ने कहा कि अगर केंद्र की इंदिरा आवास योजना की बात करें तो इसके तहत सबसे अधिक राशि बिहार को मिली पर उसमें भी भ्रष्टाचार व्याप्त है और वह गरीबों को नहीं मिलकर अमीरों को दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में मनरेगा के तहत अगर रोजगार की बात करें तो गरीब लोगों को इसके तहत सौ दिनों का रोजगार मिलना तो दूर 30 दिन का भी रोजगार नहीं मिल पाता.

राहुल ने कहा कि बिहार में अगर विद्युतीकरण की बात की जाए तो हजारों ऐसे गांव हैं जहां आज बिजली नहीं है, जबकि इसके लिए केंद्र ने प्रदेश सरकार को राशि दे रखी है और केंद्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत हर गांव में बिजली पहुंचाई जानी है.

उन्होंने कहा कि चुनाव का समय आते देख प्रदेश की वर्तमान राजग सरकार एकबार फिर ‘बिहार शाइनिंग’ की बात कर रही है और अगर ऐसा है तो प्रदेश में लोग बिजली एवं पानी के लिए क्यों तरस रहे हैं और बिहार के लोग रोजगार के लिए मुंबई, पंजाब, हरियाणा एवं दिल्ली सहित देश के अन्य भागों में जाने के लिए बाध्य क्यों हैं.

राहुल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा और राजग के अन्य घटक दलों की विचारधारा के साथ चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ऐसा लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश जहां एक तरफ चुनाव का समय आने पर भाजपा नेता नरेंद्र मोदी सहित अन्य को बिहार नहीं आने देने की बात करते हैं, वहीं उनके सहयोगी दल शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे बिहार वासियों को महाराष्ट्र से भगाते हैं.

राहुल ने कहा कि जब गुजरात में दंगा हुआ तो नीतीश ने उसका विरोध करते हुए केन्द्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया. बिहार के विकास के लिए और समाज के सभी वर्गों को एकसाथ लेकर चलने के लिए लोगों से कांग्रेस को वोट देने की अपील करते हुए राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी देश की अखंडता के लिए खतरा बनी विचारधाराओं के साथ समझौता नहीं किया.

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