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Film Review: टाइमपास है 'खामोशियां'
30 January, 2015
फिल्म 'खामोशियां' का पोस्टर
रेटिंगः 2.5 स्टार
कलाकारः सपना पब्बी, अली फजल और गुरमीत चौधरी
डायरेक्टरः करन दारा

महेश भट्ट और उनकी टीम जानती है कि किस तरह दर्शकों को एक साथ कई तरह के मसालों से बांधा जा सकता है. वह यह भी जानते हैं कि सेक्स, हॉरर और थ्रिलर को मिलाकर किस तरह परोसा जाता है. वह इस बात को भी बखूबी जानते हैं कि फिल्म की लेंथ कितनी रखनी है. लिमिटेड बजट उनकी ताकत हमेशा से रहा है. उनकी फिल्में चाहे जैसी रहें लेकिन संगीत बढ़िया रहता है. इस कारनामे को उन्होंने फिर से यंग स्टारकास्ट और नए चेहरों के साथ मिलकर अंजाम देने की कोशिश की है. खामोशियां में यह सारी बातें हैं. पूरी तरह भट्ट कैंप की फिल्म. सब कुछ होने के बावजूद यह आउट ऑफ द बॉक्स फिल्म नहीं है और कमजोर सेकंड हाफ इसे एवरेज बनाता है.

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कहानी में कितना दम
अली फजल एक राइटर है. इश्क में चोट खाया हुआ है. इस दर्द को जीतने और अपनी नई किताब के लिए वे हसीन वादियों का रुख करता है. वहां उसकी मुलाकात पहेली जैसी लड़की सपना पब्बी से होती है. जो एक गेस्ट हाउस चलाती है. वह शादीशुदा है और गुरमीत चौधरी उसका पति है. उसके साथ एक रहस्य जुड़ा है, जिसकी वजह से वह बीमार जैसा रहता है. जैसे-जैसे अली और सपना की करीबियां बढ़ती हैं. उसके साथ ही सपना और उसके पति से जुड़ी नई-नई बातें सामने आती हैं. डायरेक्टर ने थ्रिलर और हॉरर के साथ इरॉटिक पहलू को पिरोने की कोशिश की है. फर्स्ट हाफ मस्त है लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म डायरेक्टर के हाथ से फिसलती और जल्दबाजी नजर आती है.

स्टार अपील
फिल्म सपना, अली और गुरमीत पर फोकस है और तीनों ने फिल्म में अपना बेस्ट देने की कोशिश की है. अली लेखक के रूप में जमते हैं तो गुरमीत भी अलग तरह के रोल में फबते हैं. स्टारकास्ट बड़ी न होने के बावजूद प्रभावी है. अली तो पहले भी कई अहम रोल कर चुके हैं लेकिन गुरमीत ने अपनी पहली फिल्म के साथ सिद्ध कर दिया है कि उन्हें ऐक्टिंग करनी आती है. दोनों की ऐक्टिंग सपना पर भारी है. सपना 24 सीरीज में नजर आई थीं. फिल्म में उनकी ऐक्टिंग औसत रही है लेकिन उन्होंने अपने सेक्सी अंदाज और ऊंफ फैक्टर से कमी पूरी करने की कोशिश की है. और एक समय में दो-दो हीरो के साथ रोमांस करके दर्शकों को आहें भरने के लिए मजबूर किया है.

कमाई की बात
भट्ट कैंप को छोटे बजट में बढ़े चमत्कार करने के लिए पहचाना जाता है. फिल्म का बजट 15 करोड़ रु. है. इस फिल्म के साथ भट्ट कैंप फिर से अपने पुराने अंदाज में लौटा है. फिल्म का संगीत सुनने में मजा आता है. कहानी के फ्लो को तोड़ता नहीं है. फिल्म यूथ ओरियंटेड है. इरॉटिक थ्रिलर के शौकीनों के लिए सही टाइमपास है.

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