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भारत ने श्रीलंका का किया क्लीन स्वीप
16 November, 2014
Virat Kohli
रांची वनडे में टीम इंडिया ने श्रीलंका को हरा दिया है. इस जीत के नायक रहे कप्तान विराट कोहली जिन्होंने शतकीय पारी खेली. कोहली ने रायूडू और अक्षर पटेल के साथ मिलकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया.

एक समय भंवर में फंसती दिख रही टीम इंडिया को कप्तान कोहली ने मुश्किल से उबारा. पहले रायूडू के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की और फिर नाबाद सैकड़ा जड़ सीरीज में टीम इंडिया की 5-0 से जीत सुनिश्चित की.

टीम इंडिया को मिली इस शानदार जीत के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया. 

India 5-0, Srikant 2-0, Saina 2-0, Kerala Blasters 1-0. Could not have asked for a better day.

— sachin tendulkar (@sachin_rt) November 16, 2014

5-0 से सीरीज जीत की शानदार पटकथा लिखने वाले कप्तान कोहली की अगुवाई में श्रीलंका के खिलाफ 32 साल बाद टीम इंडिया ने क्लीन स्वीप किया है. आखिरी बार जब टीम ने क्लीन स्वीप किया था, तब कपिल देव के हाथ में टीम की बागडोर थी.

नाबाद शतकीय पारी खेलने वाले कोहली ने लगातार चौथे साल एक कैलेंडर वर्ष में 1000 रन पूरे किए हैं. 2011, 2012 और 2013 में भी उन्होंने 1000 से ज्यादा रन बनाए थे.

युवा खिलाड़ियों से सजी टीम का नेतृत्व कर रहे कप्तान कोहली को रायूडू और अक्षर पटेल से अच्छा सहयोग मिला. आखिरी दस ओवरों के दरम्यान जब उथप्पा, बिन्नी और जाधव जल्दी पवेलियन लौटे, लेकिन अक्षर पटेल कप्तान के साथ डटे रहे. विराट कोहली ने विपक्षी कप्तान एंजेलो मैथ्यूज की शतकीय पारी का अच्छा जवाब दिया और नाबाद 139 बनाए. संयोग है कि मैथ्यूज का स्कोर भी नाबाद 139 रन था.

कोहली ने अपनी विराट पारी के बाद 126 गेंदों का सामना किया और 12 चौकों के साथ 3 छक्के उड़ाए. आखिरी विकेट के लिए अक्षर पटेल के साथ कोहली ने 56 रन जोड़े. वहीं अक्षर पटेल ने अपनी 17 रनों की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारी में 2 चौके लगाए.

59 रनों की अर्धशतकीय पारी खेलने वाले रायूडू ने भी कप्तान कोहली का बेहतरीन साथ दिया और दोनों बल्लेबाजों ने 108 गेंदों में शतकीय साझेदारी पूरी की.

पहले कप्तान कोहली ने 48 गेंदों पर अपना पचासा पूरा किया. उन्होंने इसके लिए 7 चौके जड़े. वहीं, रायूडू ने 64 गेंदों पर 50 रन के लिए 8 चौके ठोके. हालांकि अर्धशतक पूरा करने के बाद  रायूडू अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए और चंडीमल के थ्रो पर इरंगा ने उन्हें रनआउट कर दिया. रायूडू ने 69 गेंदों पर 8 चौके और 1 छक्के के दम पर 59 रन बनाए. रॉबिन उथप्पा भी अच्छे टच में लग रहे थे, लेकिन मेंडिस की गेंद पर वह मैथ्यूज को कैच थमा बैठे. उन्होंने 21 गेंदों में 19 रनों का योगदान दिया.

इससे पहले पारी की शुरुआत करने उतरे रोहित शर्मा(9) और अंजिक्य रहाणे(2) कुछ खास नहीं कर पाए. दोनों बल्लेबाजों को श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने बोल्ड किया.

श्रीलंका की ओर से मेंडिस को 4 जबकि और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज को 2 सफलता मिली.

एंजेलो मैथ्यूज की कप्तानी पारी
इससे पहले कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (139 नाबाद) और लाहिरु थिरिमाने (52) की बदौलत श्रीलंका ने रांची वनडे में भारत के सामने 287 रनों का लक्ष्य रखा. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 286 रन बनाए. आखिरी दस ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने 114 रन बटोरे.

श्रीलंका के लिए 137 एकदिवसीय खेल चुके मैथ्यूज ने करियर का पहला शतक लगाया, जिसके लिए उन्हें 116 पारियों तक इंतजार करना पड़ा. उन्होंने 116 गेंदों की अपनी नाबाद शतकीय पारी में छह चौके और 10 छक्के लगाए.

एक समय केवल 85 रनों पर चार महत्वपूर्ण बल्लेबाज खोने वाली श्रीलंकाई टीम के लिए मैथ्यूज और थिरिमाने ने पांचवें विकेट के लिए 128 रनों की साझेदारी की और टीम को मुश्किलों से उबारा. इसके बाद मैथ्यूज ने थिसारा परेरा (6) के साथ भी मिलकर छठे विकेट के लिए महज 17 गेंदों में 45 रन बटोरे. श्रीलंकाई कप्तान ने अपनी पारी में 116 गेंदों का सामना किया और 6 चौकों के साथ 10 छक्के जड़ डाले.

कप्तान एंजेलो मैथ्यूज के अलाना थिरिमाने ने भी महत्वपूर्ण पारी खेली. मध्यक्रम के बल्लेबाज थिरिमाने ने 76 गेंदों पर 52 रनों की पारी में 2 चौके और 1 छक्का लगाया.

इससे पहले श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और उसे पहला झटका 32 रनों पर लगा जब सलामी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए. उन्हें धवल कुलकर्णी ने अंबाती रायडू के हाथों कैच कराया.

जल्द ही तिलकरत्ने दिलशान (35) भी स्टुअर्ट बिन्नी की गेंद पर बोल्ड हो गए. दिनेश चंडीमल पांच रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद पैर जमाते नजर आ रहे माहेला जयवर्धने (32) रविचंद्रन अश्विन की अंदर आती गेंद का शिकार हो गए जो उनके बल्ले को छू कर अजिंक्य रहाणे की हाथों में समा गई.

टीम इंडिया की ओर से धवल कुलकर्णी को 3, जबकि अक्षर पटेल और आर अश्विन को दो-दो सफलता मिली. इसके अलावा स्टुअर्ट बिन्नी ने दिलशान के रूप में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली.

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